कर निर्धारण और कर प्रणाली सुधार

आयकर और माल एवं सेवा कर अर्थव्यवस्था की रीढ़ होंगे, कांग्रेस मानती है और उसे पुनः दोहराती है कि कर सरल, पारदर्शी और प्रगतिशील होने चाहिए, इसके अलावा कर प्रशासन विश्वसनीय होना चाहिए, जिस पर करदाताओं को भी विश्वास हो, कांग्रेस उन सभी करों को समाप्त कर देगी जिन्होंने आम आदमी के साथ-साथ व्यवसायियों के मन में डर भरकर एक टैक्स-आतंक और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

  1. कांग्रेस, सरकार पहले वर्ष में ही प्रत्यक्ष कर संहिता लागू करने का वचन देती है। यह सरल, पारदर्शी, निष्पक्ष, आसान, अनुपालनीय, निष्पक्ष कर प्रशासन के नये युग का सूत्रपात करेगी।
  2. कांग्रेस वादा करती है कि प्रत्यक्ष कर संहिता आय और उसके अनुपातिक दरों के साथ-साथ मौजूदा आय में विषमता और समान कर दरों के सिद्धांत पर आधारित होगी।
    माल और सेवाकर 2.0 :
    1. कांग्रेस वर्तमान जी.एस.टी. कानून को बदलकर जी.एस.टी. 2.0 का नया युग लायेगी जो वास्तव मूल्यवर्धित (Value Added), अप्रपाती (Non Cascading) और अप्रत्यक्ष कर के उद्देश्यों का वाहक होगा।
    2. जी.एस.टी. 2.0 युग सभी वस्तुओं एवं सेवाओं पर एक समान, सीमित और आदर्श मापदण्ड के अनुसार होगा। यह दर केन्द्र और राज्य सरकारों के वर्तमान अप्रत्यक्ष कर के प्रति पूरी तरह से तटस्थ होगी तथा जी.एस.टी. 2.0 के अर्न्तगत करदाता की टैक्स क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान देगी।
    3. जी.एस.टी. 2.0 सिगरेट, शराब जैसी वस्तुओं (Demerit Goods) पर एक विशेष टैक्स लगायेगा।
    4. जी.एस.टी. 2.0 को करदाता द्वारा आसानी से समझाकर इसका अनुपालन आसान होने के साथ-साथ, इसे लागू करना भी आसान होगा। हमें विश्वास है कि जी.एस.टी. 2.0 नये व्यवसाय और रोजगार पैदा करते हुए विकास गति को बढ़ायेगा। जी.एस.टी. 2.0 के तहत करदाताओं की सलाह को शामिल करते हुए वेबसाइट को विकसित किया जायेगा ताकि वह उपयोगकर्ता के अनुकूल हो।
    5. कांग्रेस वायदा करती है कि रियल स्टेट (सभी क्षेत्र), पेट्रोलियम उत्पाद, तंबाकू शराब को जी.एस.टी. काउन्सिल से अनुमोदन के पश्चात अधिकतम् दो वर्ष के अन्दर जी.एस.टी. की परिधि में लाया जायेगा।
    6. आम आदमी द्वारा बड़े पैमाने पर उपयोग किये जाने वाले सामान (जैसे खाद्यान्न, जीवनरक्षक दवाएं, टीके इत्यादि) तथा आवश्यक सेवाओं को जी.एस.टी. से बाहर रखा जायेगा या इन पर शून्य कर लगेगा।
    7. सभी उत्पाद और सेवायें जिनका निर्यात किया जायेगा को शून्य कर की परिधि में रखा जायेगा, अर्थात वो जी.एस.टी. 2.0 से बाहर होगी।
    8. कांग्रेस वायदा करती है कि छोटे व्यापारियों को प्राप्त छूट (Threshold exemption) अन्तर्राज्यीय माल एवं सेवा आपूर्ति से अप्रभावित रहेंगी।
    9. वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति करने वाले छोटे, अपंजीकृत व्यवसायियों को सहायता और समर्थन देने के लिए रिवर्स चार्ज प्रणाली के तहत कोई जी.एस.टी. नहीं होगा।
    10. कांग्रेस ई-वे बिल को समाप्त करेगी, कर चोरी को पकड़ने के लिए खुफिया तन्त्र और जोखिम प्रबन्धन तन्त्र को मजबूत करेगी।
    11. कांग्रेस जी.एस.टी. से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा पंचायतों और नगर निकायों को आवंटित करेगी।
    12. कांग्रेस वादा करती है कि एक ऐसा तन्त्र विकसित करेगी जिससे व्यापारी को अपने व्यवसाय के लिए सिर्फ तिमाही और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने होंगे। प्रत्येक कर दाता टर्नओवर के आधार पर एकल प्राधिकरण द्वारा मूल्यांकन के अन्तगर्त आयेंगे।
    13. जी.एस.टी. परिषद् एक नीति निर्धारक इकाई होगी, जिसका एक स्थाई सचिवालय होगा और जिसमें अर्थशास्त्री, कर नीति विशेषज्ञ, पेशेवर कर विशेषज्ञ शामिल होगें। इसकी होने वाली बैठकों की रिपोर्ट आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगी।
    14. कांग्रेस वायदा करती है कि डी.टी.सी. और जी.एस.टी.-2.0 अनिवार्य रूप से दीवानी कानून होंगे तथा टैक्स की चोरी करने वालो के खिलाफ दीवानी कानूनों के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी, जो कि कर के अनुपात में होगी। डी.टी.सी. और जी.एस.टी.- 2.0 के तहत अभियोजन केवल आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार या धोखाधडी के मामले में ही होंगे।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान