धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक

सच्चे लोकतंत्र की ताकत और जीवंतता अक्सर उसके अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकारों और संरक्षण में देखी जाती है। भाजपा राज में पिछले 5 वर्षों में अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के खिलाफ घृणा अपराधों और अत्याचारों में कई गुणा बढ़ोत्तरी हुई है। इस प्रकार के घृणित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी बेधड़क खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं।

  1. कांग्रेस धार्मिक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार की रक्षा का वचन देती है : कांग्रेस संविधान के अनुच्छेद 15, 16, 25, 26, 28, 29, और 30 के तहत गारंटी किये गये भेदभाव रहित, रोजगार में समान अवसर, धार्मिक स्वतंत्रता और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, को बनाये रखने का वादा करती है।
  2. हम भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकार की रक्षा करने का वचन देते हैं। संविधान के अनुच्छेद 15, 16, 29, और 30 में वर्णित गये भेदभाव रहित, रोजगार में समान अवसर और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, अधिकारों को बनाये रखने का भी वादा करते हैं।
  3. कांग्रेस वादा करती है कि यह सुनिश्चित करने के लिये नियम बनाये जायेंगे कि दस वर्षों पर होने वाली जनगणना में मातृ भाषा या पसंदीदा बोलने वालो के आंकड़ों की सटीक जानकारी मिले कि किसी भाषा को कितने लोग अपनी मातृभाषा या पसंदीदा बोलचाल की भाषा के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
  4. कांग्रेस संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल की गई या नहीं की गई सभी भाषाओं को संरक्षण और बढ़ावा देने का वादा करती है। जहां तक संभव होगा, अनुसूचित जनजातियों और घुमंतू जनजातियों की भाषाओं सहित, ऐसी सभी भाषाओं के उपयोग, को ऐसे इलाकों में, जहां ऐसी भाषाएं लोगों द्वारा व्यापक रूप से बोली जाती हैं, प्रशासन के बोलचाल में प्रोत्साहित करेंगे।
  5. हम सांकेतिक भाषा के उपयोग का समर्थन करते हैं, जिसका इस्तेमाल लाखों दिव्यांगजन अपने रोजमर्रा के जीवन में करते हैं।
  6. कांग्रेस इस सिद्धांत का समर्थन करती है कि स्कूली शिक्षा बच्चे की मातृभाषा में सर्वोत्तम रूप से दी जाती है, और शिक्षा के पसंदीदा माध्यम के रूप में मातृभाषा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये, राज्य सरकारों की कोशिशों का समर्थन करने का वादा करती है।
  7. हम राज्यों में बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ राज्य की आधिकारिक भाषा(ओं) को सिखाने-पढ़ाने के लिये राज्य सरकारों के प्रयासों का भी समर्थन करेंगे।
  8. हम 17 वीं लोकसभा के पहले सत्र में और साथ ही राज्यसभा में, उन्मादी भीड़ द्वारा, आगजनी और हत्या जैसे नफरत भरे अपराधों की रोकथाम और दंडित करने के लिये नया कानून पारित करायेंगे। इस कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने और लापरवाही के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने के प्रावधान होंगे।
  9. वक्फ संपत्तियों (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) विधेयक, 2014 को फिर से पेश किया जायेगा और पारित किया जायेगा। वक्फ संपत्तियों पर कानूनी ट्रस्टियों का अधिकार बहाल किया जायेगा।
  10. कांग्रेस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया के अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के स्वरूप को बनाये रखने का वादा करती है।
  11. हम वादा करते हैं कि राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को दूसरे समान आयोगों की तर्ज पर संवैधानिक दर्जा दिया जायेगा।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान