दिव्यांग जन

एक अनुमान के अनुसार, भारत में 4 करोड़ लोग दिव्यांग हैं। कांग्रेस दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान को बनाये रखने के लिए दृढ़ता के साथ संकल्पित है।
हम दिव्यांगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और अपने परिवार के कल्याण तथा देश के विकास में योगदान देने के लिये फायदेमंद एवं उचित अवसर प्रदान करने का वादा करते हैं।

  1. संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में ’दिव्यांगता’ या ‘शारीरिक दुर्बलता’ के आधार पर भेदभाव को रोकने के लिये संशोधन किया जायेगा।
  2. सभी सार्वजनिक सेवाओं और सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों और निजी परिसरों को दिव्यांगों के लिये समावेशी और सुलभ बनाया जायेगा।
  3. हम दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 में शामिल सभी 21 दिव्यांगताओं की जानकारी तक पहुंच को आसान बनाने के लिये, और दिव्यांग जनों के अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक सूचना पोर्टल स्थापित करेंगे।
  4. कांग्रेस सरकार सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी करेगी कि वे अपनी नीतियों और कार्यक्रमों की त्वरित समीक्षा करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे दिव्यांग जनों के अधिकारों को मानते हैं, उनका संरक्षण एवं संवर्धन करते हैं।
  5. हम ब्रेल लिपि और सांकेतिक भाषा को भाषाओं के रूप में मान्यता देने के लिए संविधान में संशोधन का प्रस्ताव करेंगे।
  6. हम विशेष शिक्षा की जरुरत वाले बच्चों तथा दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष शिक्षा का राष्ट्रीय अनुसंधान और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेंगे।
  7. कांग्रेस दिव्यांगों से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों की वार्षिक सामाजिक लेखा परीक्षा शुरू कराने का वादा करती है।
  8. सभी सहायक और अनुकूल सहायक उपकरण, यंत्र और साधन जीएसटी 2.0 के तहत शून्य-दर में शामिल किये जायेंगे।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान