न्यायपालिका

कांग्रेस पार्टी वादा करती है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और स्वायत्तता की हर कीमत पर रक्षा की जायेगी।

  1. संविधान की व्याख्या करने तथा राष्ट्रीय तथा कानूनी महत्व के अन्य मामलों की सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को संवैधानिक न्यायालय बनाने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा।
  2. उच्च न्यायालयों और आदेशों की अपील सुनने के लिए, 6 अलग-अलग स्थानों मे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के बीच, कोर्ट ऑफ अपील की स्थापना करने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा। कोर्ट ऑफ अपील में 3 न्यायाधीशों की अन्य बेंच अपील का निपटारा किया करेंगी।
  3. हम महिलाओं, एस.सी.-एस.टी., ओ.बी.सी., अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य वर्गों जिनका न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व कम है, के प्रतिनिधित्व को सभी स्तरों में बढ़ाने का वायदा करते हैं।
  4. हम न्यायपालिका के लिए आवश्यक बुनियादी ढ़ांचा प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष पर्याप्त धन आंवटित करेंगे।
  5. कांग्रेस उच्च न्यायालयों और उच्चतम् न्यायलयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृति आयु को 65 वर्ष करने का वादा करती है। विभिन्न आयोगों ओर न्यायाधिकरणों में न्यायिक सदस्यों की सेवानिवृति की आयु भी 65 वर्ष ही होगी। इससे जहाँ एक तरफ न्यायाधीशों को सेवानिवृति के पश्चात काम करने से रोका जायेगा, वहीं दूसरी तरफ योग्य व्यक्तियों को न्यायाधीश न्यायिक सदस्य के रूप में सेवा करने का और अधिक अवसर मिलेगा।
  6. कांग्रेस न्यायपालिका के सहयोग से न्यायाधीशों के प्रशासन में सुधार तथा रोस्टर प्रबंधन के लिए तकनीक के साथ-साथ पेशेवरों की नियुक्ति करेगी।
  7. हम मुकदमों पर नजर रखने और मामलों की सुनवाई तथा निर्णयों में तेजी लाने के लिए न्यायपालिका के हर स्तर पर तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेंगे।
  8. विद्वानों, ईमानदार एवं स्वतंत्र न्यायधीश न्यायपालिका की आत्मा हैं, कांग्रेस राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग (एन.जे.सी.) को स्थापित करने का वायदा करती है। एन.जे.सी. में न्न्यायाधीश, न्यायविद्ध और सांसद सदस्य के तौर पर होंगे तथा इनकी सदस्यता के लिए एक पूर्णकालिक सचिवालय होगा। राष्ट्रीय न्यायायिक आयोग का कार्य उच्च और उच्चतम न्यायालयों में न्यायाधीशों नियुक्ति करना है। सभी उम्मीवारों के नाम तथा चयन की प्रक्रिया तथा चयन के कारण को सार्वजनिक पटल पर रखा जायेगा ताकि चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरकरार रहे। इस व्यवस्था के बनने के दो महीने पश्चात उच्च एवं उच्चतम् न्यायलयों से रिक्त पद भरने के प्रयास किये जायेंगे।
  9. कांग्रेस कानून बनाकर एक स्वतंत्र न्यायिक शिकायत आयोग की स्थापना करेगी जो न्यायाधीशों के खिलाफ कदाचार की शिकायते देकर उपयुक्त कार्यवाही के लिए संसद को परामर्श देंगे।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान