उद्योग

कांग्रेस ने 1991 में नयी औद्योगिक नीति के साथ उदारीकरण की शुरूआत की थी। आज वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस एक दूरदर्शी प्रगतिशील औद्योगिक नीति बनायेगी।
भाजपा सरकार ने सिर्फ खोखले नारे लगाये हैं, औद्योगिक क्षेत्र में सकल पूंजी निर्माण दर या उद्योग क्षेत्र के विकास के आंकडे़ निराशाजनक सच्चाई को बयान कर रहे हैं। कांग्रेस उद्योग जगत के इन निराशाजनक आंकड़ों को बदलने का वायदा करती है।

  1. कांग्रेस विनिर्माण क्षेत्र में जी.डी.पी. की मौजूदा हिस्सेदारी 16 प्रतिशत को अगले पांच वर्ष में 25 प्रतिशत तक करके भारत को विश्व का निर्माण केन्द्र बनाने का वायदा करती है, कांग्रेस का विश्वास है कि कोई भी चीज जो दूसरे देशों में बन सकती है, उसे भारत में भी बनाया जा सकता है, कांग्रेस वायदा करती है कि इस प्रकार की नीतियां, नियम, कर (टैक्स) अपनाये जायेंगे, जो उद्यमियों को पुरस्कृत करेंगी, जिससे कि भारत विनिर्माण क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु बन सके।
  2. कांग्रेस राज्य सरकारों के सहयोग तथा पर्याप्त बुनियादी ढ़ांचे के साथ, नये औद्योगिक शहर स्थापित करेगी तथा इन क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार के औद्योगिक उत्पादों के लिये विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने का काम करेगी।
  3. हम उस प्रकार की नीतियां और कार्यक्रम बनायेंगे जो भारत को इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न एवं गहने, दवाई एवं औषधी तथा रासायनिक पदार्थ उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनायेंगे।
  4. हम उस प्रकार की नीतियां और कार्यक्रम बनायेंगे, जो धातु, इस्पात, सीमेंट, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कम्यूटर हार्डवेयर, गाड़ियां (ऑटोमोबाइल) निर्माण में, भारत को पुनः नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित कर सके।
  5. कांग्रेस विश्व के लिए निर्माण” (मेक फॉर द वर्ल्ड) नीति की घोषणा करेगी और देशी-विदेशी कम्पनियों को आंमत्रित करेगी कि वे सिर्फ निर्यात के लिए निर्माण क्षेत्र” में निवेश करें, इसके लिए किसी भी तरह के अप्रत्यक्ष कर नहीं लगाये जायेंगे और कॉरपोरेट करों को भी कम किया जायेगा।
  6. जैसा कि हमने 2004 से 2014 के बीच किया था, हम रूकी हुई परियोजनाओं को शुरू करेंगे जिससे कि ठहरी हुई पूंजी पुनः वापिस आकर नये रोजगार उत्पन्न करने के काम में लग सके।
  7. लाखों लोगों को रोजगार देने वाले हस्तशिल्प और हथकरघा जैसे परंपरागत व्यवसायों में उत्पादन और उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जायेगा।
  8. कांग्रेस छोटे और मध्यम व्यवसाय को उन्नत तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए पेटेंट हासिल करके एक पेटेंट संग्रह (Pool) बनायेगी।
  9. नियमों की आड़ में किये जा रहे नियत्रंण ने पूरी प्रणाली को पंगु बना दिया है। कांग्रेस भाजपा द्वारा पिछले पांच साल में बनाये गये नियमों और विनियमों की त्वरित समीक्षा करेगी तथा उद्योगों और व्यवसाय को नियत्रंण मुक्त करने के लिए जहाँ आवश्यक होगा बदलाव करेगी।
  10. पिछले पांच वर्षों में कर अधिकारियों को असाधारण तरीके की विवेकाधीन शक्तियां दी गई हैं, जिनसे उद्योग और व्यवसाय जगत “कर आतंकवाद” महसूस करते हुए डर से थर्रा रहा है। जांच एजेसियां कानूनों की गलत व्याख्या करके व्यवसायियों में डर पैदा कर रही हैं। कांग्रेस इस प्रकार के मनमाने कार्यों और विवेकाधीन शक्तियों की समीक्षा करेगी, ताकि उद्योग और कारोबारी जगत को स्वतंत्र और शान्तिपूर्ण तरीके से काम करने की आजादी मिल सके।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान