भोजन और पोषण सुरक्षा

यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का पारित होना एक क्रांतिकारी कदम था जिसने समृद्धि (हरित क्रांति) को कल्याण (भोजन का अधिकार) से जोड़ा।

  1. कांग्रेस सभी को सुनिश्चित तौर पर खाद्य सुरक्षा देने के लिये अथक प्रयास करने का वादा करती है।
  2. कुछ खास आदिवासी समुदाय और समूह काफी कमजोर हैं। हम उन पर विशेष ध्यान देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उचित मूल्य की चलित दुकानों के जरिये उन तक पर्याप्त खाद्यान्न पहुंचाया जाए
  3. हम 6 महीने के भीतर लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करेंगे और इसे अद्यतन बनायेंगे। बेघर, निराश्रित व्यक्तियों और प्रवासी श्रमिकों को शामिल करने पर खास ध्यान दिया जायेगा। किसी भी पात्र व्यक्ति को बाहर नहीं किया जाएगा।
  4. कांग्रेस कमजोर आदिवासी समूहों और आदिवासी समुदायों को सूचीबद्ध करने के लिये विशेष उपाय करने का वादा करती है।
  5. कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि आधार को जोड़ना स्वैच्छिक हो, लेकिन इसे प्रोत्साहित किया जायेगा। आधार लिंक न करने के कारण किसी को वाजिब अधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा।
  6. मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण में सुधार किया जायेगा। दूध और अंडे को भोजन में शामिल किया जायेगा। मध्याह्न भोजन के लिये स्वीकृत लागत में बढ़ोत्तरी की जायेगी। ब्लॉक और जिला स्तर पर योजना का सामाजिक अंकेक्षण होगा और बच्चों के पोषण स्तर के संदर्भ में प्राप्त परिणामों का आकलन और निगरानी की जायेगी।
  7. जहां तक संभव होगा, सार्वजनिक खाद्य वितरण कार्यक्रम (मध्याह्न भोजन योजना, आईसीडीएस आदि) स्थानीय उपज पर निर्भर होंगे। इससे स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय बाजारों को भी मदद मिलेगी।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान