भूतपूर्व सैनिक

  1. यूपीए सरकारों के तहत कांग्रेस ने एक रैंक एक पेंशन के सिद्धान्त को स्वीकार किया और वर्ष 2006, वर्ष 2010 और वर्ष 2013 में तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए। फरवरी, 2014 में यूपीए सरकार ने सभी रैंकों के पेंशनधारियों के बीच के अन्तर को खत्म करने का फैसला किया। पूर्व सैनिकों का मानना है कि भाजपा सरकार ने उनकी मांग के हिसाब से एक रैंक एक पेंशन को लागू नहीं किया, कांग्रेस एक रैंक एक पेंशन में लागू विसंगतियों को दूर करने का हर संभव प्रयास करने का वायदा करती है।
  2. कांग्रेस शहीदों के परिवारों को मुआवजे की नीति तैयार करने और लागू करने का वचन देती है। इस नई नीति में पूर्ण वेतन और भत्ते शामिल होंगे, बच्चों की शिक्षा के लिए धन तथा शहीद परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और उपयुक्त मौद्रिक मुआवजा शामिल होगा।
  3. कांग्रेस एक ऐसी नीति बनायेगी जिसमें एक विशेष अवधि तक नौकरी करने के पश्चात या उससे पहले सेवानिवृत होने वाले लोग अपनी योग्यतानुसार प्रशासनिक  सेवाओं (Civil Services) में सीधा प्रवेश (Lateral Entry) में जा सकते हैं।
  4. हम सशस्त्र बलों के उन कर्मियों जो 40 वर्ष की आयु से पहले सेवानिवृत हो गये हैं। वे अपनी योग्यता और शारीरिक योग्यता के अनुसार उपयुक्त स्तर पर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में प्रवेश कर सकते हैं।
  5. कांग्रेस पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की जरूरत के मद्देनजर सशस्त्र  बलों की चिकित्सा वाहिनी और अस्पतालों की क्षमता का पर्याप्त विकास करने का वादा करती है।
  6. कांग्रेस घायल सशस्त्र बल कर्मियों की विकलांगता का निर्धारण करने की प्रक्रिया की समीक्षा करेगी तथा विकलांग व्यक्ति के निर्णय के आधार पर अपील करेगी। रक्षा मंत्रालय द्वारा दायर सभी अपीलों को वापस ले लिया जायेगा।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान