पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन

कांग्रेस जलवायु परिवर्तन के परिणामों को स्वीकार करने वाली (14 जून 1972 को स्टॉकहोम में श्रीमती इंदिरा गांधी) पहली भारतीय राजनीतिक पार्टी थी।
यह एक कड़वा सच है कि भारत का पर्यावरण बुरी तरह से बिगड़ चुका है। 2018 के वैश्विक पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में भारत को 180 देशों में से 177वें स्थान पर रखा गया है। भाजपा सरकार ने इस गिरावट को रोकने के लिए पिछले 5 वर्षों में लगभग कुछ भी नहीं किया।

  1. कांग्रेस एक कार्य एजेंडा लागू करने का वादा करती है, जो भारत को ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ाई और पर्यावरण सुरक्षा में अगली कतार में पहुंचा देगा। साथ ही साथ, कांग्रेस जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पर अंतर्राष्ट्रीय वार्ता में भारत के हितों की रक्षा और बढ़ोत्तरी करेगी।
  2. हम पर्यावरण मानकों और नियमों को स्थापित करने, निगरानी और लागू करने के लिए कानूनी, स्वतंत्र, सशक्त और पारदर्शी पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण (ईपीए) का गठन करेंगे। ईपीए उन सभी अन्य निकायों को प्रतिस्थापित करेगा जो मौजूदा अधिकार क्षेत्र और शक्तियों का इस्तेमाल करते हैं।
  3. कांग्रेस मानती है कि वायु प्रदूषण राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की तरह है। प्रदूषण की समस्या से तुरंत निपटने के लिये हम राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को काफी मजबूत करेंगे। उत्सर्जन के सभी प्रमुख स्रोतों को लक्षित किया जायेगा, कम किया जायेगा और स्वीकार्य स्तर तक घटाया जायेगा। क्षेत्रीय उत्सर्जन मानक निर्धारित किये जायेंगे।
  4. हम व्यापक भूमि और जल उपयोग नीति एवं कार्ययोजना तैयार करेंगे और इसमें स्थानीय समुदायों के जायज अधिकारों को प्रभावित किये बिना पारिस्थितिक तंत्र और उसमें निहित जैव-विविधता एवं वन्यजीवों के संरक्षण के उपाय शामिल होंगे।
  5. हम हिमालयी रेंज और पश्चिमी घाटों की समृद्ध जैव-विविधता को संरक्षित करने के लिये संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही इन पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका के अवसरों की रक्षा की जायेगी।
  6. कांग्रेस देशभर की सभी नदियों की सफाई और नदियों में पूरी तरह से अपशिष्टों के गिरने पर रोक लगाने के लिये राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी।
  7. कांग्रेस देश के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा का वादा करती है। तटीय क्षेत्र के नियमों को कमजोर करने वाले हालिया कदमों को पहले की ही तरह किया जायेगा। मछुआरा समुदायों की आजीविका के अवसरों को प्रभावित किये बिना तटों को संरक्षित किया जायेगा।
  8. हम सभी प्रकार के कचरे के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देंगे।
  9. हम निर्माण के लिए रेत के आयात की अनुमति देंगे और नदी के किनारों पर रेत के अवैध खनन को रोकेंगे
  10. हम आधुनिक तकनीक और मशीनरी का उपयोग करके हर घर, स्थान, गाँव, कस्बे और शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना लागू करेंगे। अपशिष्ट प्रबंधन और निपटान में लगे लोगों को उचित उपकरण, गरिमा और सुरक्षित कामकाजी माहौल उपलब्ध कराया जायेगा।
  11. कांग्रेस पंचायतों और नगरपालिकाओं को कानूनी और वित्तीय शक्तियां प्रदान करेगी, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन में राज्य सरकारों के साथ भागीदारी कर सकें और समग्र प्रयासों में युवाओं, महिलाओं, समुदायों और गैर-सरकारी संगठनों को शामिल कर सकें।
  12. कांग्रेस वनों को नियंत्रित करने वाले कानूनों में संशोधन करने, वन विभागों की भूमिका को फिर से परिभाषित करने और स्थानीय समुदायों को वनों और वन संसाधनों के शेयरधारकों का संरक्षक बनाने का वादा करती है।
  13. हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर वर्ष 2025 तक वनाच्छादित क्षेत्र को मौजूदा 21 प्रतिशत के स्तर से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक लाने का काम करेंगे और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये निम्नलिखित कदम उठाये जायेंगे -
    1. आधुनिक वैज्ञानिक मानकों के अनुसार ‘वन’ तथा ‘वनाच्छादित क्षेत्र’ शब्द और वाक्यांश को फिर से परिभाषित करेंगे;
    2. जिला स्तर पर सटीक वनाच्छादित क्षेत्र का आंकलन करेंगे;
    3. वनीकरण परियोजनाओं और पौधों की प्रजातियों के चयन में स्थानीय समुदायों को शामिल करेंगे; तथा
    4. वन संरक्षण और वनीकरण के लिये तय धन के दूसरे इस्तेमाल को प्रतिबंधित और दंडनीय बनायेंगे।
  1. कांग्रेस वन्यजीवों के आवासों को संरक्षित करने तथा मनुष्य और जंगली जीवों के बीच टकराव को कम करने व प्रबंधन करने तथा मानव जीवन के नुकसान की स्थिति में मुआवजे का वादा करती है।
  2. हम पशु कल्याण को बढ़ावा देंगे और जानवरों से क्रूरता करने वाले को कड़ाई से दंडित करेंगे।
  3. कांग्रेस देशभर में सभी घरों में सस्ती कीमत पर स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने का वादा करती है। हम एलपीजी सिलेंडरों की कीमत की निगरानी करेंगे और सब्सिडी के माध्यम से बढ़ी कीमतों के बोझ को गृहणियों पर से कम करेंगे।
  4. हम राष्ट्रीय खातों को एक ऐसे ढंग से पेश करेंगे जिसमें पर्यावरणीय क्षरण और नुकसान की कीमत का हिसाब-किताब होगा। वार्षिक बजट में ग्रीन बजट के मूल सिद्धांतों को अपनाया जायेगा।
  5. कांग्रेस भारत को ग्रीन विनिर्माण हब बनाने का हर संभव प्रयास करेगी। हम स्वच्छ प्रौद्योगिकी के लिये शुल्क में कमी करेंगे और व्यापार की बाधाओं को दूर करेंगे और ऐसी प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिये प्रोत्साहन प्रदान करेंगे।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान