शिक्षा

शिक्षा योग्यता का निर्धारण करती है और इसे सभी बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। कांग्रेस वादा करती है कि राज्य और केंद्र सरकार सभी बच्चों को शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिये जिम्मेदार होंगी। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय जैसे ज्यादातर सार्वजनिक संस्थान सार्वजनिक संसाधनों के माध्यम से वित्त पोषित होंगे। निजी शिक्षण संस्थान सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों के पूरक के तौर पर काम कर सकते हैं।

  1. कांग्रेस का प्रस्ताव होगा कि स्कूली शिक्षा को संघ सूची की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची में स्थानांतरित किया जाये, जबकि संघ सूची में उच्च शिक्षा के विषय को बरकरार रखा जाए।
  2. कांग्रेस वादा करती है कि सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से कक्षा बारहवीं तक की स्कूली शिक्षा अनिवार्य और मुफ्त होगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में इस संबंध में उपयुक्त संशोधन किये जायेंगे। हम सरकारी स्कूलों में विभिन्न उद्देश्यों के नाम पर विशेष शुल्क वसूलने की प्रथा को खत्म करेंगे।
  3. हम शिक्षा की गुणवत्ता और खराब शिक्षण परिणामों के संदर्भ में बेहद चिंतित हैं, जैसा कि शिक्षा की वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (एएसईआर) में सामने आया है। कांग्रेस सीखने के परिणामों को सर्वोच्च महत्व देने का वादा करती है।
  4. शिक्षक वह धुरी है, जिसके चारों ओर शिक्षा की पूरी व्यवस्था घूमती है। शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षकों की सतत शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का मूलमंत्र है। कांग्रेस सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता, संख्या और गुणवत्ता को बढ़ाने का वादा करती है। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों का विनियमन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् की जिम्मेदारी होगी और उनका वित्त पोषण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या उसकी अनुवर्ती संस्था की जिम्मेदारी होगी। शिक्षकों की आवधिक और सतत शिक्षा के लिये एक योजना लागू की जाएगी और शिक्षकों को अनिवार्य रूप से योजना में हिस्सा लेना होगा।
  5. कांग्रेस 2023-24 तक समाप्त होने वाले 5 वर्षों में  शिक्षा के लिये बजट आवंटन को दोगुना बढ़ाकर जीडीपी का 6 प्रतिशत करने का वादा करती है। इसके लिये आगे की रूपरेखा 2019-20 के आम बजट में सामने रखी जायेगी और विशिष्ट वार्षिक लक्ष्य तय किये जायेंगे।
  6. शिक्षा का अधिकार कानून ने देश भर की स्कूल प्रणालियों में महत्त्वपूर्ण कमियों को उजागर किया है। जिन राज्यों में इस कानून को अच्छी तरह से लागू किया गया था, वहां कई सारी कमियों को दूर किया जा चुका है। लेकिन कुछ राज्यों खासकर राज्यों के शैक्षिक रूप से पिछड़े जिलों में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कांग्रेस कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के हर स्कूल में पर्याप्त बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिये खर्च को बढ़ाने का वादा करती है, जिसमें कक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल का मैदान, शौचालय, पेयजल आदि शामिल होंगे। छात्रावास का निर्माण मांग के आधार पर किया जायेगा।
  7. कांग्रेस मांग के आधार पर और राज्य सरकारों के सहयोग के साथ केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने का वादा करती है।
  8. बच्चों का स्कूली पढ़ाई बीच में ही छोड़ना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस प्रवृत्ति को रोकने तथा यह सुनिश्चित करने का वादा करते हैं कि हर बच्चा 12वीं कक्षा तक की स्कूली शिक्षा पूरी करे।
  9. शिक्षा की एक समान गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिये कांग्रेस सभी स्कूलों में प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण विधियों और प्रौद्योगिकी-संचालित, व्यक्तिगत और अनुकूली शिक्षण उपकरणों को लगाने का वादा करती है।
  10. बच्चे स्कूली शिक्षा को बीच में ही छोड देते हैं, यह बेहद चिन्ता का विषय है, बच्चों को रोजगार या स्वरोजगार के लिए तैयार करने के लिये कांग्रेस वादा करती है कि 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक स्कूली शिक्षा के अनिवार्य घटक के रूप में व्यावसायिक प्रशिक्षण को शुरू किया जायेगा।
  11. कांग्रेस विशेष जरुरत वाले बच्चों के लिये विशेष स्कूलों की स्थापना को बढ़ावा देगी
  12. भारत को और अधिक विश्वविद्यालयों की जरुरत है। कांग्रेस देश में ज्यादा से ज्यादा सरकारी विश्वविद्यालयों की स्थापना, खास तौर पर पिछड़े इलाकों में करने का वादा करती है।
  13. हम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को बहाल करने का वादा करते हैं।
  14. हम अलग-अलग संगठनों को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विनियमन, ग्रेडिंग और फंडिंग सौंपेंगे। हम जरूरत और योग्यता के आधार पर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को उदारतापूर्वक अनुदान देने के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या इसकी अनुवर्ती संस्था को पर्याप्त धन प्रदान करेंगे।
  15. हम विश्वविद्यालयों की नियमित स्थापना में अतिथि, अस्थायी और अनुबंध शिक्षकों को शामिल करने के लिये उपयुक्त उपाय करने का वादा करते हैं, ताकि उन्हें उनके वाजिब हक का फायदा मिल सके।
  16. हम केंद्रीय विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा के अन्य केंद्रीय संस्थानों की नियुक्तियों में 200-बिंदु रोस्टर प्रणाली को बहाल करने का वादा करते हैं।
  17. कांग्रेस शिक्षकों का हृदय की गहराईयों से सम्मान करती है और यह सुनिश्चित करेगी कि सेवारत शिक्षकों का प्रतिनिधित्व कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रबन्धक निकायों में किया जाए।
  18. कांग्रेस चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वाणिज्य, प्रबंधन और विज्ञान जैसे विषयों में और अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना करने का वादा करती है।
  19. हम अगले 5 वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 25.8 के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर कम से कम 40 के स्तर तक लायेंगे।
  20. नीट (NEET)  परीक्षा का तरीका कुछ राज्यों के छात्रों के लिए भेदभावपूर्ण रहा है। इसके अलावा, यह राज्य सरकार के संबंधित राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उस राज्य के मूल निवासी छात्रों के प्रवेश के अधिकार में हस्तक्षेप करती है। इसलिए, हम एनईईटी परीक्षा की इस कमी को दूर करने के उपाय करेंगे और उस राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित समकक्ष मानक की राज्य स्तरीय परीक्षा के साथ इसका विकल्प प्रदान करेंगे।
  21. जो विद्यार्थी स्थायी रूप से गांव में रहते है परिवार से पहली बार शिक्षण के लिए आये या लिंग विशेष के आधार पर कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करता है, को विशेष आपद अंक (Deprivation Points) देकर प्रोत्साहित किया जाये।
  22. कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षा को बहुविध तरीकों से वित्त पोषित किया जाना चाहिए। हम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अनुदान के लिए निर्धारित राशि बढ़ाने का वादा करते हैं।
  23. कांग्रेस छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने का वादा करती है। गरीब पात्र छात्रों को सहायता देने के लिये प्रतिभा फंड बनाने हेतु कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
  24. हम शिक्षा ऋण कार्यक्रम को पुनर्जीवित, पुनर्रचना और विस्तारित करेंगे। एकल पोर्टल पर आवेदन प्राप्त, जांच और स्वीकृत किये जायेंगे और फिर आवेदक के निवास या अध्ययन स्थल के नजदीक प्रलेखन और निगरानी के लिये बैंक की शाखा को सौंपे जायेंगे। जब तक छात्र को नौकरी नहीं मिलती या स्वरोजगार के माध्यम से कमाई शुरु नहीं होती हैं, तब तक अध्ययन की अवधि के दौरान का कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा। 31 मार्च, 2019 तक के पुराने शिक्षा ऋणों पर बकाया ब्याज माफ कर दिया जायेगा।
  25. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के अधिकारों और दायित्वों को संहिताबद्ध करने के लिये कांग्रेस छात्र अधिकार विधेयक पारित करेगी।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान