विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों ने लंबे समय से भेदभाव और उपेक्षा का सामना किया है। कांग्रेस का मानना है कि यह केंद्र और राज्य सरकारों का कर्तव्य है कि वे इन समूहों तक पहुँचें और इनके साथ होने वाले अन्याय को दूर करें।

  1. कांग्रेस विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों की गणना और उनके आंकड़ों को दशकीय जनगणना के साथ एकीकृत करने के लिये एक विशेष जनगणना का वादा करती है।
  2. हम सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के नागरिकों के तौर पर विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के लिए पूरक आरक्षण प्रदान करने की व्यवहार्यता की पड़ताल करेंगे।
  3. हम आदतन अपराधी अधिनियम, 1952’ को तत्त्काल रद्द कर देंगे, जो विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के उत्पीड़न का कारण बना और इसके जरिये उन्हें कलंकित किया गया, उनके साथ भेदभाव हुआ है।
  4. कांग्रेस विमुक्त और अर्ध-घुमंतू जनजातियों, खास तौर पर बच्चों को शिक्षा और कौशल प्रदान करने के लिये राज्य सरकारों के साथ, मिलकर काम करेगी, ताकि वे फायदेमंद रोजगार पा सकें और आर्थिक विकास का फायदा उठा सकें।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान