बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र

कांग्रेस प्रतिस्पर्धी बैंकिग क्षेत्र में अपने विश्वास की पुष्टि करती है।

भाजपा सरकार ने पिछले 5 वर्ष में बैंकिग क्षेत्र को काफी कमजोर किया है, गैर निष्पादित सम्पत्ति (Non Performing Assets) में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। क्रोनी कैपिटलिज्म पनप रहा है तथा योग्य व्यक्तियों को ऋण से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस बैंकिग और वित्तीय क्षेत्रों में पनपी इन कुरीतियों को तुरन्त समाप्त करेगी।

  1. कांग्रेस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको (पी.एस.बी.) की अवधारणा, भूमिका एवं कार्यों की व्यापक समीक्षा करके पी.एस.बी. में वांछित परिवर्तन करके इन्हें एक अच्छी और लाभप्रद बैलेंस सीट के साथ मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने का वादा करती है।
  2. कांग्रेस दो या उससे अधिक पी.एस.बी. का समामेलन करेगी, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति दर्ज करवाते हुए सिर्फ 6-8 पी.एस.बी. हों। 6-8 पी.एस.बी. में से प्रत्येक को पर्याप्त रूप से पूंजीकृत किया जायेगा।
  3. हम पी.एस.बी. को संचालित करने वाली प्रणाली की समीक्षा करेंगे तथा इसे प्रतिस्पर्धी, स्वस्थ, कुषल और लाभदायक बनाने के लिए आवश्यक बदलाव करते हुए, स्वतंत्र वाणिज्यिक बैंकिग संगठन बनायेंगे। हम निरर्थक बैंकिग बोर्ड ब्यूरो को समाप्त कर देंगे।
  4. कांग्रेस वायदा करती है कि पी.एस.बी. सार्वजनिक/जनहितकारी नीतियों को प्राथमिकता देने के काम को जारी रखेंगे, तथा वंचितों और अन्य आवश्यक क्षेत्रों, जिन्हें अन्य स्थानों से ऋण से वंचित किया है, को ऋण सुविधा देंगे।
  5. हम कुछ एन.बी.एफ.सी. की असफलता से चिन्तित है, जिसने बॉड मॉर्केट, म्यूचुअल फण्ड और ऋण की उपलब्धता को प्रभावित किया है। कांग्रेस ऐसी विफलताओं को रोकने और निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए नियामक व्यवस्था की समीक्षा करेगी और उसे मजबूत करेगी।
  6. हम एक मजबूत कॉरपोरेट बॉण्ड बाजार, सार्वजनिक बॉण्ड बाजार, तथा बुनियादी ढ़ांचा निवेश निधि को विकसित करने के लिए आवश्यक नीतिगत् और प्रशासनिक उपाय करेंगे।
  7. कांग्रेस विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को दीर्घकालिक ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए नये विकास बैंको को प्रोत्साहित करने का वायदा करती है।
  8. भारतीय प्रोद्योगिकी कंपनियों को वैश्विक मानकों के आधार पर बढ़ाने में पूंजी की कमी अवरोध पैदा करती है। कांग्रेस एक भारतीय वैश्विक कंपनी कोष की स्थापना करेगी तथा भारतीय स्वामित्व वाली कंपनियों को वैश्विक कंपनीयां बनाने के लिए नीतिगत माहौल बनाएगी।
  9. कांग्रेस, एम.एस.एम.ई. को ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर नये संस्थानों (छोटे बैंकों) की स्थापना को प्रोत्साहित करेगी, ताकि एम.एस.एम.ई. को ऋण उपलब्ध करवाया जा सके। कांग्रेस राज्य सरकारों को प्रोत्साहित करेगी कि वे राज्य वित निगमों को पुर्नजीवित करें, जिससे कि एम.एस.एम.ई. को लम्बे समय के लिए ऋण और जोखिम उठाने के लिए पूंजी उपलब्ध करवाई जा सके।
  10. हम क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और बैंक सहायको को तकनीकि रूप से मजबूत करके, आर्थिक समावेशन के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे कि आम लोगों को अपने घर के आसपास  ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।
  11. कांग्रेस आर.बी.आई. के साथ मिलकर के.वाई.सी. प्रक्रिया को सरल बनाने, बार-बार सत्यापन से बचने के साथ ही, अनेक प्रकार के दस्तावेजों के इस्तेमाल की दिशा में कार्य करेगी।
  12. कांग्रेस एक व्यापक आधार वाली प्रतिभूति बाजार को विकसित करने के लिए आवश्यक उपाय करने का वायदा करती है, जो ऐसे उत्पादों की पेशकश करेगा, जो उन्हे सुरक्षित और पर्याप्त रिटर्न के साथ ही दीर्घकालिक जरूरतों के लिए निवेश करने की व्यवस्था करते हुए, बाजार में आकर्षित करेगा।
  13. हमारे अपने बाजार में अधिक से अधिक घरेलु और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतियां बनायेंगे।
  14. हम बैंकिंग, प्रतिभूतियों और वित्तीय बाजारों (धन संग्रह योजनाओं सहित) में धोखाधड़ी रोकने के लिए कठोर उपाय करने का वायदा करते हैं ताकि अपराधियों को त्वरित और कठोर सजा मिल सके।
  • काम

    रोजगार और विकास

  • दाम

    सबके हितार्थ अर्थव्यवस्था

  • शान

    हमारी दूरदर्शिता और ढृढ़शक्ति पर गर्व

  • सम्मान

    सभी के लिये सम्मानजनक जीवन

  • सुशासन

    स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थानों की मदद से

  • स्वाभिमान

    वंचितों का आत्मसम्मान